I SEE NEWS : चिराग पासवान मेन गेट के बाहर बजाते रहे कार का हॉर्न, घंटों बाद खोला गया दरवाजा ।


 चिराग पासवान को बेज्जती कर लौटाना,सांसद पशुपति पारस को पड़ सकता है महंगा ?

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 लोजपा दोतरफा हो चुका  है। एक का नेतृत्व चिराग पासवान कर रहे हैं और दूसरे का पशुपति पारस, दोनों  ने आनन-फानन में पार्टी पर नियंत्रण पाने की कोशिशें तेज कर दीं हैं । चिराग पासवान की अध्यक्षता में लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की हुई बैठक में पार्टी ने बागी पांच सांसदों को दल से निकाल दिया। पार्टी ने यह फैसला भी किया है कि अगले साल होने वाले चार राज्यों के चुनाव में भी पार्टी अपना उम्मीदवार देगी। इससे पहले उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले गुट ने चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया था ।

 अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या 4 - 5 सांसद मिलकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पद से हटा सकते हैं या पार्टी को बदल सकते हैं ? अगर ऐसा होता है तो यह हर  पार्टी के लिए खतरा बन सकता है हर एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने अस्तित्व पर विचार करना होगा । नियमानुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या किसी भी अन्य पद का चयन पार्टी की कोर कमेटी अथवा कार्यकारणी समिति करती है,उसी प्रकार किसी को पद से हटाने के भी कुछ खास नियम होते हैं।
 अब लोजपा में चल रहे चाचा- भतीजा की खींचतान में पार्टी का भविष्य किस ओर जाता है ये अभी सबसे ज्यादा चिंता का विषय बना हुआ है।


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